आ जइयो राघव अब करिओ न देर,अब तो फांसी लगी है। आ जइयो राघव अब करिओ न देर,अब तो फांसी लगी है।
सीखो तुम श्रीराम से, रे मन मानुष रीत॥ सीखो तुम श्रीराम से, रे मन मानुष रीत॥
जब है ये खुद ही स्त्रीत्तव की पहचान, हर नारी की परिभाषा, अपने-अपने युग की ये शान फिर क्यों इन... जब है ये खुद ही स्त्रीत्तव की पहचान, हर नारी की परिभाषा, अपने-अपने युग की ये...
अगले जन्म अगर बनाना, तू मुझको कोई फ़ूल मेरी इच्छा है यही, बन जाऊं कपास का फ़ूल अगले जन्म अगर बनाना, तू मुझको कोई फ़ूल मेरी इच्छा है यही, बन जाऊं कपास का फ़ूल
उल्लास, उत्साह, उमंग खुशी उल्लास, उत्साह, उमंग खुशी
अब पूछ मेरा ना हाल प्रिये मैं कुछ दिन का मेहमान प्रिये! अब पूछ मेरा ना हाल प्रिये मैं कुछ दिन का मेहमान प्रिये!